जय श्री श्याम।
घटना: जून 2024
यह घटना मेरे जीवन की उन घटनाओं में से एक है, जिसे मैं आज तक नहीं भूल पाया हूँ। एक दिन एक बाइक सवार नशे की हालत में तेज गति से आया और उसने पीछे से मेरी कार में जोरदार टक्कर मार दी। हादसा अचानक और इतना तेज था कि कुछ ही देर में वहां बहुत ज्यादा भीड़ जमा हो गई। स्थिति देखकर ऐसा लग रहा था कि मेरे सामने कोई बहुत बड़ी मुसीबत आ पड़ी है। भीड़ में तरह-तरह की बातें होने लगीं और मुझे समझ नहीं आ रहा था कि अब क्या होगा। मुझे डर था कि इस मामले में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
मैंने उसी समय मन ही मन बाबा श्याम को याद किया और कहा—“बाबा, अब आप ही संभालना।”
और तभी जैसे बाबा ने मेरी पुकार सुन ली।
अचानक एक सज्जन वहां आए। उन्होंने पूरी घटना देखी और पुलिस के सामने साफ-साफ कहा कि गलती कार चालक की नहीं है, बाइक सवार ने नशे की हालत में पीछे से आकर कार को टक्कर मारी है। पुलिस ने उस सज्जन का बयान दर्ज किया। उनके बयान से पूरी स्थिति स्पष्ट हो गई और मुझे उस भीड़ तथा बड़ी परेशानी से बचने में बहुत मदद मिली। सबसे आश्चर्य की बात यह थी कि बयान देने के बाद वह सज्जन चुपचाप वहां से चले गए। मैंने उन्हें दोबारा ढूंढने की कोशिश की, लेकिन उनका कोई पता नहीं चला। उस दिन से मेरा विश्वास और भी मजबूत हो गया कि बाबा श्याम अपने भक्तों की सहायता किसी न किसी रूप में जरूर करते हैं। शायद उस दिन बाबा स्वयं उस अनजान सज्जन के रूप में मेरी मदद करने आए थे।
आज भी उस घटना को याद करके दिल से यही निकलता है—
“हारे का सहारा, बाबा श्याम हमारा।”
जय श्री श्याम। 🙏❤️
घटना: जून 2024
यह घटना मेरे जीवन की उन घटनाओं में से एक है, जिसे मैं आज तक नहीं भूल पाया हूँ। एक दिन एक बाइक सवार नशे की हालत में तेज गति से आया और उसने पीछे से मेरी कार में जोरदार टक्कर मार दी। हादसा अचानक और इतना तेज था कि कुछ ही देर में वहां बहुत ज्यादा भीड़ जमा हो गई। स्थिति देखकर ऐसा लग रहा था कि मेरे सामने कोई बहुत बड़ी मुसीबत आ पड़ी है। भीड़ में तरह-तरह की बातें होने लगीं और मुझे समझ नहीं आ रहा था कि अब क्या होगा। मुझे डर था कि इस मामले में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
मैंने उसी समय मन ही मन बाबा श्याम को याद किया और कहा—“बाबा, अब आप ही संभालना।”
और तभी जैसे बाबा ने मेरी पुकार सुन ली।
अचानक एक सज्जन वहां आए। उन्होंने पूरी घटना देखी और पुलिस के सामने साफ-साफ कहा कि गलती कार चालक की नहीं है, बाइक सवार ने नशे की हालत में पीछे से आकर कार को टक्कर मारी है। पुलिस ने उस सज्जन का बयान दर्ज किया। उनके बयान से पूरी स्थिति स्पष्ट हो गई और मुझे उस भीड़ तथा बड़ी परेशानी से बचने में बहुत मदद मिली। सबसे आश्चर्य की बात यह थी कि बयान देने के बाद वह सज्जन चुपचाप वहां से चले गए। मैंने उन्हें दोबारा ढूंढने की कोशिश की, लेकिन उनका कोई पता नहीं चला। उस दिन से मेरा विश्वास और भी मजबूत हो गया कि बाबा श्याम अपने भक्तों की सहायता किसी न किसी रूप में जरूर करते हैं। शायद उस दिन बाबा स्वयं उस अनजान सज्जन के रूप में मेरी मदद करने आए थे।
आज भी उस घटना को याद करके दिल से यही निकलता है—
“हारे का सहारा, बाबा श्याम हमारा।”
जय श्री श्याम। 🙏❤️
ℹ️ यह एक भक्त द्वारा साझा किया गया व्यक्तिगत अनुभव है। इसे प्रमाणित ऐतिहासिक या वैज्ञानिक तथ्य के रूप में न पढ़ें।